Manoj Sharma Ips Biography in Hindi | IPS Manoj Sharma biography

 manoj sharma भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रसिद्ध हैं। इस लेख के माध्यम से हम उनके जीवन के रोमांचक पलों, सफलताओं और पुलिस सेवा में उनके द्वारा की गई महत्वपूर्ण जर्नी का अध्ययन करेंगे। इस जीवनी में हम उनके बचपन से लेकर उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र, नेतृत्व शैली और समाज में उनके प्रभाव को समझेंगे। यह लेख आपको manoj sharma ips जी के व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन के बारे में संपूर्ण जानकारी देगा।

Manoj Kumar Sharma IPS


IPS Manoj Kumar Sharma संक्षेप जीवनी

भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के एक प्रमुख अधिकारी Manoj Kumar Sharma का जन्म 1977 में मध्य प्रदेश के बिलग्राम गांव में हुआ था। वह सिंह राशि का धनु राशि का व्यक्ति है और 2023 में 46 वर्ष का हो जाएगा। उसकी शैक्षणिक योग्यता स्नातक है, जिसे उसने महारानी लक्ष्मीबाई गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, ग्वालियर, मध्य प्रदेश से पूरा किया है।

प्रश्नउत्तर
नाम (Name)IPS Manoj Kumar Sharma
पत्नी का नाम (Wife's Name)श्रद्धा
आईपीएस मनोज कुमार शर्मा की पुस्तक (Book by IPS Manoj Kumar Sharma)विस्तार से नहीं पता है
आईपीएस मनोज कुमार शर्मा की वर्तमान पदस्थान (Current Posting)मनोज शर्मा साल 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी है। और वर्तमान में और वर्तमान में महाराष्ट्र पुलिस के एडिशनल सीपी के रूप में कार्य रहते हैं। 
उम्र (Age)46 साल (2023)
रैंक (Rank)121 वी रैंक
इंस्टाग्राम (manoj sharma ips instagram)Instagram
जन्म तिथि (Date of Birth)1977 ईस्वी
परिवार (Family)विस्तार से नहीं पता है
स्कूल (School)विस्तार से नहीं पता है
कॉलेज (College)महारानी लक्ष्मीबाई गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस ग्वालियर, मध्य प्रदेश
शैक्षणिक योग्यता (Education Qualification)स्नातक
ऊचाई (Height)5′ 8” (168 Cm)
वजन (Weight)69 किलोग्राम
फिगर (Figure)32-30-34
बालों का रंग (Hair Color)काला
आंखों का रंग (Eye Color)काला
भोजन (Food)शाकाहारी
नागरिकता (Citizenship)भारतीय
धर्म (Religion)हिंदू
गृह नगर (Hometown)बिलग्राम गांव, मुरैना जिला, मध्य प्रदेश

व्यक्तिगत जीवन | Personal Life


Manoj Kumar Sharma की निजी जिंदगी से जुड़ी है उनकी गहरी सफलता की कहानी। उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा उनकी गर्लफ्रेंड श्रद्धा जोशी शर्मा हैं, जो उनकी साथी रही हैं और उनकी सफलता के सफर में मदद कर रही हैं। श्रद्धा और मनोज की दोस्ती पढ़ाई के दौरान शुरू हुई और धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।


उनकी सफलता में उनके माता-पिता भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। मनोज को बचपन से ही संघर्ष करना पड़ा, लेकिन उनका आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहा।

वर्तमान में, Manoj Kumar Sharma मुंबई पुलिस में अतिरिक्त आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं, जो उनकी सफलता की एक और ऊंचाई को दर्शाता है। उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में संतुलन और सामंजस्य प्रेरणा की भावना पैदा करता है।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

Manoj Kumar Sharma का प्रारंभिक जीवन एक छोटे से गाँव में हुआ। उनके परिवार ने उन्हें अच्छे मूल्यों और नेतृत्व मूल्यों के साथ बड़ा किया। उनके माता-पिता ने उन्हें शिक्षा का महत्व समझाया और उनकी प्रेरणा बढ़ाई।

मनोज की प्रारंभिक शिक्षा गाँव के स्थानीय स्कूल में हुई, जहाँ उन्हें अपनी अच्छी पढ़ाई और उत्साही शैली के लिए पहचान मिली। उन्होंने अपनी शिक्षा में उच्चतम स्तर तक पहुंचने का संकल्प लिया।

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद, मनोज ने अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रमुख कॉलेज में प्रवेश लिया। वहां उन्होंने अपनी पढ़ाई में सफलता की नींव रखी और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करते रहे।

Manoj Kumar Sharma 12वीं क्लास में फेल हो गए थे. इस चुनौतीपूर्ण समय में भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए नए संघर्ष का सामना किया। इस कठिन समय में उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा की योजना बनाई और अपनी मेहनत और संघर्ष से आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

इस समय का सामना करते हुए, मनोज ने अपनी कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास से अपनी शिक्षा पूरी करने का फैसला किया। इस असफलता को एक नई शुरुआत मानते हुए उन्होंने अपने करियर को मजबूत करने के लिए कठिनाइयों का सामना किया और सफलता की ऊंचाइयों को छूने का संकल्प लिया।

IPS Manoj Kumar Sharma क्यों है चर्चा में है

अनुराग पाठक द्वारा लिखित IPS Manoj Kumar Sharma के जीवन पर आधारित पुस्तक 12वीं फेल में एक महत्वपूर्ण कहानी साझा की गई है। यह पुस्तक इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे Manoj Kumar Sharma जैसा व्यक्ति गरीबी से निकलकर आईपीएस की ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। यह किताब बताती है कि कैसे 12वीं में फेल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए संघर्ष किया।

इसके अलावा एक फिल्म भी बनी है जो Manoj Kumar Sharma के जीवन पर आधारित है. यह फिल्म उनके जीवन की सकारात्मक कहानी को लोगों तक पहुंचाने का एक माध्यम बनेगी और लोगों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए किसी भी परिस्थिति में हार न मानने के लिए प्रेरित करेगी।

Manoj Kumar Sharma की जीवन कहानी एक साहसिक और प्रेरणादायक कहानी है, जो लोगों को उनके उदाहरण से जुड़ने का मौका देती है।

मनोज शर्मा का शिक्षा | Manoj Sharma's education

मनोज शर्मा ने अपनी शिक्षा अपने स्थानीय स्कूल से शुरू की और वहां अच्छे अंक प्राप्त किये और बिना किसी परेशानी के आठवीं कक्षा तक पहुंच गये। इसके बाद उन्होंने किसी तरह 9वीं और 10वीं कक्षा की परीक्षा पास की जिसके बाद उन्होंने महारानी लक्ष्मी बाई गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, ग्वालियर, मध्य प्रदेश में दाखिला लिया और 11वीं कक्षा तक पढ़ाई की।

लेकिन जब 12वीं की परीक्षा हुई तो उनका रिजल्ट नेगेटिव आया क्योंकि उनके परीक्षा केंद्र पर जांच के लिए एसडीएम आए थे और उन्हें वहीं बैठना पड़ा. उस सेंटर के सभी छात्रों को फेल कर दिया गया क्योंकि उस स्कूल के शिक्षक उन्हें नकल करवाते थे और छात्रों को तकनीकी रूप से उत्तर भी दिखा देते थे।

उस स्कूल के सभी छात्र एसडीएम पर बहुत क्रोधित थे, लेकिन उन्हें आश्चर्य हुआ कि वह कौन था जिसने शिक्षकों को नहीं रोका। इसी समय एसडीएम से मुलाकात के बाद उन पर अच्छा प्रभाव पड़ा और उन्होंने एसडीएम बनने का फैसला कर लिया।

इसके बाद उन्होंने दोबारा 12वीं की परीक्षा दी और पास हो गए, जिसके बाद उन्होंने बीए की पढ़ाई पूरी की।

मनोज कुमार शर्मा प्रारंभिक करियर | Manoj Kumar Sharma Early career

मनोज शर्मा को उनके दोस्तों से मिलकर पता चला कि SDM बनने के लिए MPPSC (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) का परीक्षा क्लियर करना आवश्यक है। इसके बाद, उन्होंने MPPSC की तैयारी करना शुरू कर दिया। कुछ दिनों बाद, उन्हें यह पता चला कि इससे भी पावरफुल जॉब्स में से दो, IPS और IAS, का भी अवसर है। लेकिन इसके लिए UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) का परीक्षा क्लियर करना आवश्यक है, और इसे करने के लिए वह दिल्ली गए और वहां पढ़ाई करने लगे।

UPSC की तैयारी | UPSC preparation

UPSC की तैयारी के लिए मनोज शर्मा दिल्ली मुखर्जी नगर की ओर चले गए। वहां जाकर उन्होंने दिव्यकृति सरकार की संस्था "Drishti IAS" की और वहीं से UPSC की तैयारी शुरू कर दी। UPSC की पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात श्रद्धा जोशी शर्मा से हुई। श्रद्धा भी UPSC की तैयारी कर रही थीं. इसी बीच दोनों के बीच प्यार भरा रिश्ता बन गया. कहा जाता है कि इस प्यार ने मनोज की परीक्षा की तैयारी में अहम भूमिका निभाई.

मनोज कुमार शर्मा का संघर्ष | Manoj Kumar Sharma's struggle

Manoj Kumar Sharma को अपने जीवन में कई संघर्षों का सामना करना पड़ा। पढ़ाई के दौरान परीक्षा में असफलता ने उन्हें आत्म-निराशा की ओर धकेल दिया था। 12वीं की परीक्षा में नकारात्मक परिणाम ने उन्हें मुश्किल स्थिति में डाल दिया था और उस समय के समय ने उन्हें नई राह खोजने के लिए प्रेरित किया।

उनका संघर्ष उनकी ईमानदारी, उत्साह और जुझारूपन से भरा था। उन्होंने अपनी अशिक्षा और असफलताओं को एक नई शुरुआत और अपनी क्षमताओं को विकसित करने के अवसर के रूप में देखा।

अपनी प्रेरणा को मजबूत रखते हुए वह एक नए लक्ष्य की ओर बढ़े और नई मेहनत और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम किया। उनकी प्रेमिका ने भी उन्हें नैतिक समर्थन दिया और उनके संघर्ष में उनकी साथी बनकर और भी मजबूत हो गईं।

उनकी संघर्ष भावना और सहानुभूति उन्हें नई ऊंचाइयों पर ले गई और आईपीएस अधिकारी बनने के संघर्ष को जीतने में सफल रही। उनकी कड़ी मेहनत, ईमानदारी और आत्मविश्वास ने उन्हें अपना लक्ष्य हासिल करने में मदद की।

मनोज कुमार शर्मा चौथे प्रयास में हुए सफल

Manoj Kumar Sharma ने चौथे प्रयास में सफलता हासिल की. उन्होंने MPPSC (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) परीक्षा में सफलता हासिल की और एसडीएम बनने की ताकत हासिल की। इस सफलता के बाद वह अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़े और आखिरकार अपनी मेहनत और लगन के दम पर IPS (भारतीय पुलिस सेवा) में सफलता हासिल की। कड़ी मेहनत और संघर्ष से भरी उनकी जीवनी एक प्रेरणा है, जो बताती है कि सही मेहनत और संघर्ष से हर मुश्किल को दूर किया जा सकता है।

Manoj Kumar Sharma का गर्लफ्रेंड | Manoj Kumar Sharma's girlfriend

आपके द्वारा मुझे दी गई जानकारी के अनुसार IPS Manoj Kumar Sharma की गर्लफ्रेंड का नाम श्रद्धा जोशी शर्मा है और उनकी मुलाकात विकास दिव्यकृति सर की संस्था Drishti IAS. में हुई थी। दोनों अच्छे दोस्त थे और साथ पढ़ते थे। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई और यूपीएससी की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद दोनों ने एक-दूसरे से शादी कर ली।

Manoj Kumar Sharma के बारे में कुछ रोचक जानकारी

  1. काफी मेहनत के बावजूद उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी करने का फैसला किया और पहले ही प्रयास में उन्हें सफलता मिल गई. फिर भी सभी नहीं माने.
  2. फिर उन्होंने दूसरी बार परीक्षा दी और इसमें भी उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा, तीसरे प्रयास में भी उन्हें असफलता मिली. फिर भी उन्होंने खुद पर काबू रखा और मेहनत करते रहे.
  3. उन्हें बचपन से ही सफलता मिल रही थी लेकिन फिर भी उनका इरादा दृढ़ था। और चौथे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 121वीं रैंक हासिल कर वह आईपीएस अधिकारी बन गये.
  4. वर्तमान में Manoj Kumar Sharma मुंबई पुलिस में एडिशनल कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं।
  5. उनकी सफलता की कहानी में उनके माता-पिता के साथ-साथ उनकी गर्लफ्रेंड श्रद्धा जोशी शर्मा ने भी अहम भूमिका निभाई है।
  6. यह आज के युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश है, जो लोग एक बार असफल होने के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं, ऐसे लोगों को उनसे सीख लेनी चाहिए क्योंकि आगे की असफलता ही आपको बड़ी सफलता तक ले जा सकती है। इसका जीता जागता उदाहरण हैं मनोज

FAQs

1. प्रश्न मनोज शर्मा कुमार की जीवनी के महत्वपूर्ण क्षण क्या थे?
उत्तर मनोज कुमार शर्मा के जीवन में उनके व्यक्तिगत संघर्ष, परिवार, दोस्तों और दोस्तों ने अहम भूमिका निभाई।

2. प्रश्न मनोज शर्मा कुमार की पढ़ाई के चरण क्या थे?
उत्तर मनोज ने अपनी शुरुआती पढ़ाई स्थानीय स्कूल से शुरू की और फिर उन्होंने एमपीपीएससी और यूपीएससी की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत की।

3. प्रश्न मनोज शर्मा कुमार की पहली सफलता की कहानी क्या है?
उत्तर मनोज ने अपने पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की, जो एक बड़ी उपलब्धि थी।

4. प्रश्न मनोज शर्मा कुमार की वर्तमान नौकरी क्या है?
उत्तर फिलहाल, मनोज कुमार शर्मा मुंबई पुलिस में एडिशनल कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं।

5. प्रश्न उनके जीवन में सबसे बड़ी कठिनाइयाँ क्या देखी गईं?
उत्तर मनोज कुमार शर्मा को अपनी पढ़ाई के दौरान कई बार परीक्षाओं में असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने संघर्षों के बावजूद कड़ी मेहनत जारी रखी और आखिरकार सफलता हासिल की।

निष्कर्ष

मनोज कुमार शर्मा की जीवनी हमें दिखाती है कि कड़ी मेहनत, संघर्ष और सहयोगी साथी के साथ मिलकर ही हम अपने लक्ष्य को हासिल करने में सफल हो सकते हैं। उनकी सफलता की कहानी हमें सिखाती है कि विफलता ही एकमात्र रास्ता है, और यदि हम आत्मनिरीक्षण करें और कड़ी मेहनत करते रहें, तो अंततः सफलता हमारे कदमों में होगी।

मनोज कुमार शर्मा ने अपने परिवार, दोस्तों और अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर अपने सपनों को हकीकत में बदलने का संकल्प लिया और एक आईपीएस अधिकारी बन गये। उनकी साहसिक यात्रा ने हमें सिखाया है कि कभी-कभी परिस्थितियाँ प्रतिकूल हो सकती हैं, लेकिन जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए हमें अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता को कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

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